अंबिकापुर:आज दिनांक 28 जनवरी 2026, दिन बुधवार को संत हरकेवल शिक्षा महाविद्यालय के बी.एड. प्रथम सेमेस्टर के समस्त प्रशिक्षार्थियों द्वारा अपने प्रायोगिक कार्य के अंतर्गत ग्रामीण शिविर, ग्रामीण सर्वेक्षण एवं वनभोज कार्यक्रम का आयोजन झुमका डेम, जिला कोरिया में अत्यंत सफलतापूर्वक किया गया।
इस शैक्षणिक एवं सामाजिक उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम हेतु महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा महाविद्यालय प्रांगण से झुमका डेम तक आवागमन की समुचित व्यवस्था की गई। यात्रा के दौरान समस्त प्रशिक्षार्थियों ने पूरे जोश, उत्साह एवं उमंग के साथ नारे लगाते हुए, गीत–संगीत एवं नृत्य के माध्यम से आनंदमय वातावरण निर्मित किया, जिससे आपसी सहयोग, अनुशासन एवं सामूहिकता की भावना का सुंदर परिचय देखने को मिला।झुमका डेम पहुँचने के पश्चात सर्वप्रथम समस्त प्रशिक्षार्थियों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत शिविर स्थल एवं आसपास के क्षेत्र में फैले कचरे एवं प्लास्टिक को एकत्र कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। स्वच्छता कार्य के पश्चात सभी प्रशिक्षार्थियों को नाश्ता प्रदान किया गया।इसके उपरांत प्रशिक्षार्थियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर क्रमबद्ध, योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीण सर्वेक्षण कराया गया। सर्वेक्षण के दौरान प्रशिक्षार्थियों ने झुमका डेम क्षेत्र एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घर–घर जाकर ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर जानकारी एकत्र की। इस सर्वेक्षण में प्रमुख रूप से ग्राम एवं क्षेत्र का ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परिचय ग्रामीणों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थित कृषि संबंधी गतिविधियाँ एवं समस्याए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की स्थिति केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तथ्य संकलन किया गया। सभी प्रशिक्षार्थियों ने इस कार्य को अत्यंत ईमानदारी, निष्ठा, जिम्मेदारी एवं अनुशासन के साथ संपन्न किया। इस सर्वेक्षण से प्रशिक्षार्थियों को ग्रामीण जीवन को नजदीक से समझने एवं व्यवहारिक ज्ञान अर्जित करने का अवसर प्राप्त हुआ।सर्वेक्षण कार्य के पश्चात समस्त सहायक अध्यापकों एवं मार्गदर्शक शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षार्थियों को झुमका डेम एवं आसपास के प्राकृतिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान नदी, डेम क्षेत्र एवं प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन कराया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षार्थियों ने नौकायन (बोटिंग) का भी भरपूर आनंद लिया, जिससे उनके भीतर प्रकृति के प्रति लगाव एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित हुई।भ्रमण के उपरांत समस्त महाविद्यालय परिवार द्वारा सामूहिक रूप से क्रमबद्ध एवं स्वच्छ वातावरण में भोजन किया गया। भोजन पश्चात पुनः प्रशिक्षार्थियों द्वारा झुमका डेम परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें प्रत्येक प्रशिक्षार्थी ने एक–एक कचरा एवं प्लास्टिक उठाकर क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में समस्त प्रशिक्षार्थियों द्वारा नृत्य–संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षार्थियों ने पूरे जोश के साथ नाच–गान किया तथा सरगुजा लोकनृत्य के माध्यम से अपनी स्थानीय संस्कृति को उजागर किया। संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।यह ग्रामीण शिविर एवं वनभोज कार्यक्रम प्रशिक्षार्थियों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
समस्त कार्यक्रम प्राचार्य महोदय डॉ.अंजन सिंह के मार्गदर्शन एवं सहायक प्राध्यापकों डॉ. पूजा दुबे, सुमन पांडेय, रानी पांडेय, चंदा सिंह,नीरू त्रिपाठी एवं श्वेता तिवारी के निर्देशन और निरीक्षण में संपन्न हुआ । जिसमें बीएड प्रथम सेमेस्टर चतुर्थ सेमेस्टर के प्रशिक्षार्थियों के सक्रिय भागीदारी से संपन्न हुआ ।
