सरगुजा, सरगुजा जिले सहित संभाग भर में हो रही धान खरीदी में जमकर गड़बड़ी किया जा रहा है नियमों को ताक में रखकर समिति प्रबंधक के द्वारा तौल से ज्यादा किसानों के धान खरीदे जा रहे हैं जिससे सीधा नुकसान किसानों को हो रहा है इतना ही नहीं बिचौलियों के द्वारा बड़ी मात्रा में अवैध धान किसानों के नाम पर खपाया जा रहा है
दरअसल 15 नवंबर से सरकार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है ताकि किसानों का धान का एक एक दाना खरीदा जा सके लेकिन सरगुजा जिले सहित संभाग में समिति प्रबंधकों के द्वारा अपनी मनमानी करते हुए नियम विरुद्ध तरीके से तौल से ज्यादा किसानों का धान ले रहे हैं जिससे किसान परेशान है । धान समिति केंद्र गोविंदपुर में कुछ ऐसा ही मामला देखने को मिला जहाँ किसानों से 41 किलो 200 ग्राम धान की खरीदी की जा रही है जबकि नियम से 40 किलो 700 ग्राम धान लिया जाना है वहीं जब किसान इसका विरोध करते हैं तो गोविंद पुर समिति प्रबंधक अशोक सोनी द्वारा कहा जाता है कि इसी वजन से धान खरीदी किया जाना है समिति प्रबंधक की मनमानी से आए दिन किसान परेशान हो कर उसे हटाने की भी मांग करते है उसके बाद जिम्मेदार अधिकारी न तो खरीदी केंद्र का निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं न नहीं पूरे मामले की जांच करते हैं समिति प्रबंधक की मनमानी से किस प्रताड़ित हो रहे।
वही गोविंद पुर समिति प्रबंधक अशोक सोनी की मनमानी का बड़ा खुलासा करते हुए किसान समिति प्रबंधक की पोल खोल रहे है किसानों ने बताया कि जो किसान धान बेचा ही नहीं उसके खाते में बिचौलियों के द्वारा धान बेच दिया जा रहा है आखिर बिना धान बेच किसान के खाते में धान किसके द्वारा बेचा जा रहा है बड़ा सवाल है किसान का कहना है की जो धान की फसल लगाई थी उसे हाथी के द्वारा बर्बाद कर दिया गया फसल बर्बाद होने के बाद वन विभाग के द्वारा उसे क्षतिपूर्ति भी दी गई यानी अब उस किसान के पास धान नहीं है फिर भी उस किसान के खाते में धान बेच दिया जा रहा है यानी समिति प्रबंधक बिचौलियों से साथ गांठ कर बड़ी मात्रा में अवैध धान खरीदी किया जा रहा है अब सवाल है कि जिम्मेदार अधिकारि ऐसे समिति प्रबंधकों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं।
